
पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल ने राज्य सरकार के विकास कार्यों और आने वाले समय में सरकार की योजनाओं को सदन में क्रम से रखा। उन्होंने कहा कि बिहार में 2005 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनने के बाद से शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर हर क्षेत्र में काम हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि नई सरकार बनने के बाद से ही राज्य में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। राज्य में बड़ी संख्या में सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया। ।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की न्याय के साथ विकास की प्रतिबद्धता समावेशी विकास, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, रोजगार सृजन और शांतिपूर्ण सामाजिक व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास गति लाने के लिए केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है।



इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 12 लाख नौकरी और 34 लाख रोजगार के लक्ष्य को हर हाल में पूरा कर लिया जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि बिजली, सड़क और पीने योग्य पानी की बुनियादी आवश्यकता को पूरा करने के लिए 2005 से अब तक की गई कड़ी मेहनत के बाद बिहार को विकास पथ पर ले जाने के लिए 7 निश्चय कार्यक्रम 2015 में शुरू किया गया था और राज्य में युवाओं को 10 लाख नौकरियां और 10 लाख रोजगार के अवसर देने के लिए 2020 में 7 निश्चय (भाग -2) शुरू किया गया अब तक 9.35 लाख से अधिक लोगों को पहले ही नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। शेष पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है और सरकार ने अब चुनाव की घोषणा होने तक राज्य के युवाओं को 12 लाख नौकरियां प्रदान करने का संकल्प लिया है। जहां तक रोजगार सृजन का सवाल है, यह पहले ही 10 लाख के शुरूआती अनुमान के मुकाबले 24 लाख तक पहुंच चुका है और चुनाव से पहले शेष महीनों में यह आंकड़ा 34 लाख तक पहुंच जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में आयोजित जाति सर्वेक्षण में गरीब के रूप में पहचाने गए सभी समुदायों के 94 लाख गरीब परिवारों को 2-2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए लघु उद्यमी योजना शुरू की गई है। केंद्र सरकार ने इस साल के बजट में राज्य के विकास के लिए भी बड़ी घोषणाएं की है।

