
पटना। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ मच गई। इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में 9 महिलाएं, 5 बच्चे और 4 पुरुष हैं। कई लोग घायल भी हुए हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। इस भगदड़ में बिहार के भी 9 लोग शामिल हैं। भीड़ और अफरा-तफरी की वजह से यह भगदड़ मची।



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में मची भगदड़ में मरने वाले 18 में से 9 यात्री बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। इन सभी 18 मृतकों की पहचान हो गई है। इसमें 79 वर्षीय आभा देवी बक्सर की रहने वाली हैं। जबकि 40 वर्षीय पूनम देवी सारण की रहने वाली थीं। इसी मरह से 35 वर्षीय ललिता देवी परना बिहार, 11 वर्षीय सुरूचि मुजफ्फरपुर, 40 वर्षीय कृष्णा देवी और 15 वर्षीय विजय साह समस्तीपुर की रहने वाले थे। इसके अलावा 12 वर्षीय नीरज वैशाली, 40 वर्षीय शांति देवी नवादा और 8 वर्षीय पूजा कुमार नवादा का रहने वाला था।
इस हादसे में बिहार के भी 3 लोगों की मौत हुई है। सारण जिले के रहने वाले पप्पू गुप्ता की मां भी इस भगदड़ में कुचल गईं। पप्पू गुप्ता ने बताया कि वो अपनी मां के साथ गांव जा रहे थे। अचानक मची भगदड़ में उनकी मां गिर गई। लोग उसके शरीर के ऊपर चढ़कर भागने लगे। वो दबकर मर गई। पप्पू गुप्ता बिहार संपूर्ण क्रांति से अपने परिवार के साथ दिल्ली से सारण जाने के लिए स्टेशन पर पहुंचे थे।
पप्पू गुप्ता ने बताया कि भगदड़ में मरने वाले अधिकांश लोग संपूर्ण क्रांति से बिहार जाने वाले यात्री शामिल हैं। बिहार के एक अन्य यात्री ने बताया कि वो अपनी मामी और बहन के साथ बिहार जाने के लिए स्टेशन आया था। उसने बताया कि स्टेशन पर इतनी भीड़ हुई कि लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए निकले। वहां कोई पुलिस वाला भी नहीं था। इस घटना के बाद स्टेशन पर कोहराम मच गया। हर तरफ लोगों के शव पड़े थे। यह दृश्य बहुत ही दर्दनाक था।
एक और प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि स्टेशन परिसर में भारी भीड़ थी। पुल पर अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे। इस भगदड़ में कई लोग गिर गए और कुचल गए। स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग चीख पुकार कर रहे थे। लेकिन भीड़ के कारण कोई किसी की मदद नहीं कर पा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि घटनास्थल पर पुलिस की तैनाती नाकाफी थी। अगर पुलिसकर्मी मौजूद होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

