
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार लगातार चौथे दिन में बढ़त के साथ बंद हुए। इकोनॉमिक सर्वे के चलते बाजार में रौनक देखने को मिली। सेंसेक्स 740.76 अंक या 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,500.57 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 258.90 अंक या 1.11 प्रतिशत चढ़कर 23,508.40 पर बंद हुआ। कुल 2,635 शेयर बढ़त में रहे, 1,131 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 120 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।



निफ्टी पर टॉप गेनर्स में टाटा कंज्यूमर, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, नेस्ले इंडिया और एलएंडटी शामिल रहे, जबकि नुकसान झेलने वाले शेयरों में भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, अपोलो हॉस्पिटल्स और जेएसडब्ल्यू स्टील रहे। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आॅयल एंड गैस, पावर, पीएसयू, रियल्टी और एफएमसीजी 2 प्रतिशत तक चढ़े, जबकि कैपिटल गुड्स इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत बढ़ा।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की जीडीपी वृद्धि 2025-26 में 6.3-6.8 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसका आधार मजबूत आर्थिक नींव, संतुलित राजकोषीय समेकन और स्थिर निजी खपत होगी। इसमें कहा गया, ह्लघरेलू अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत बनी हुई है, जिसमें मजबूत बाह्य खाता, संतुलित राजकोषीय समेकन और स्थिर निजी खपत शामिल हैं। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच रहेगी।
शेयर बाजार में आई मजबूती के कारण स्टॉक मार्केट के निवेशकों की संपत्ति में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन आज के कारोबार के बाद बढ़ कर 424.13 लाख करोड़ रुपये (अस्थाई) हो गया। जबकि पिछले कारोबारी दिन यानी गुरुवार को इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन 417.87 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों को आज के कारोबार से करीब 6.26 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा हो गया।
30 शेयरों वाले ब्लू-चिप पैक में, लार्सन एंड टुब्रो 4.31 प्रतिशत बढ़ा, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने दिसंबर तिमाही में अपने समेकित शुद्ध लाभ में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 3,359 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। नेस्ले 4.25 प्रतिशत चढ़ा, क्योंकि एफएमसीजी प्रमुख ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही में शुद्ध लाभ में 4.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 688.01 करोड़ रुपये रहा।
अन्य प्रमुख बढ़त हासिल करने वाले शेयरों में इंडसइंड बैंक, टाइटन, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, आईटीसी और मारुति शामिल थे। आईटीसी होटल्स, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक नुकसान में रहे।
जनवरी महीने में, बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 638.44 अंक या 0.81 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी 136.4 अंक या 0.57 प्रतिशत नीचे आया। शेयर बाजार के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर सतर्कता बरतते हुए, आर्थिक समीक्षा ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी बाजारों में कोई भी गिरावट भारत पर असर डाल सकती है, जहां कोविड के बाद युवा निवेशकों की भागीदारी बढ़ी है।
पिछले कुछ वर्षों में, खुदरा भागीदारी, विशेष रूप से युवा निवेशकों की, शेयर बाजार में काफी बढ़ी है। निवेशकों की भागीदारी वित्त वर्ष 2020 में 4.9 करोड़ से बढ़कर 31 दिसंबर, 2024 तक 13.2 करोड़ हो गई। दूसरी ओर, जब निफ्टी 50 में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, तो 51 मामलों में से 13 में एसएंडपी 500 ने सकारात्मक रिटर्न दिया, जिसमें औसत रिटर्न -5.5 प्रतिशत रहा।
एशियाई बाजारों में, टोक्यो हरे निशान में बंद हुआ, जबकि सियोल में गिरावट देखी गई। शंघाई और हांगकांग के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिकी बाजार गुरुवार को सकारात्मक क्षेत्र में बंद हुए। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 4,582.95 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.26 प्रतिशत गिरकर 76.64 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 226.85 अंक या 0.30 प्रतिशत बढ़कर 76,759.81 पर बंद हुआ था। निफ्टी 86.40 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 23,249.50 पर बंद हुआ था। बता दें कि केंद्रीय बजट पेश होने के कारण शनिवार को शेयर बाजार खुला रहेगा।

