
पटना। बिहार के सभी सरकारी दफ्तर में नया सिस्टम लागू होगा। घूसखोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए यह एक्शन लिया जा रहा है। मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही ई-आफिस प्रणाली लागू करने जा रही है। ई-आफिस का उद्देश्य सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित करना है।
इसके तहत सभी कर्मियों का तकनीकी प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा ताकि वे नई प्रणाली को समझ सकें और उसका प्रभावी उपयोग कर सकें। मुख्य सचिव गुरुवार को मुख्य सचिवालय स्थिति सभागार में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। बैठक में सचिवालय सेवा संवर्ग के कर्मियों की सिविल लिस्ट का विमोचन भी किया गया।



बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी राजेंदर ने सचिवालय सेवा कर्मियों की सिविल लिस्ट का विमोचन भी किया। मुख्य सचिव ने कहा कि सिविल लिस्ट सरकारी कार्यों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इससे कर्मियों की शैक्षणिक योग्यता, पता, और सेवा से जुड़े अन्य विवरणों की जानकारी मिलती है। जिससे कार्य संबंधी निर्णय लेने में आसानी होती है।
मुख्य सचिव ने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की ओर भी ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली को व्यापक रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कदम कार्यस्थल पर अनुशासन बढ़ाने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
बैठक में मिशन कर्मयोगी के तहत इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट आॅनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफार्म पर प्रशिक्षण प्राप्त करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म सरकारी कर्मियों के कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए एक अत्याधुनिक माध्यम है। उन्होंने सभी कर्मियों से इस पहल का हिस्सा बनने और अपनी दक्षता बढ़ाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

