
नयी दिल्ली। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला गठबंधन महाराष्ट्र में भारी जीत की ओर अग्रसर है जबकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन पुन: सत्ता में वापसी करता दिख रहा है। इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव की शनिवार को चल रही मतगणना की पहले तीन घंटों के रुझान में महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति गठबंधन 288 सीटों में से 287 सीटों की मतगणना के प्राप्त रुझानों के अनुसार, 217 सीटों पर आगे है जबकि इंडिया गठबंधन को 50 सीटों पर आगे चल रहा है। महायुति को राज्य के सभी क्षेत्रों में बड़ी सफलता मिलती दिख रही है। भाजपा उम्मीदवार 128 सीटों पर, शिवसेना 53 सीटों पर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) के उम्मीदवार 36 सीटों पर आगे चल रहे हैं। इंडिया गठबंधन में कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे-यूबीटी) 19-19 सीटों पर तथा राकांपा शरद पवार 12 सीटों पर आगे है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने चुनाव नतीजों पर निराशा व्यक्त करते हुये कहा कि चुनाव नतीजों में कुछ गड़बड़ लगता है।



महाराष्ट्र में अक्टूबर 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और संयुक्त शिवसेना मिलकर चुनाव लड़े थे और उन्हें क्रमश: 105 और 56 सीटों पर जीत मिली थी जबकि रांकापा को 54 और कांग्रेस को 44 सीट प्राप्त हुयी थी लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस रांकापा का दामन पकड़ लिया था। झारखंड में सभी 81 सीटों की मतगणना के रुझानों में सत्तारुढ़ झामुमो 29 सीटों पर और उसके साथ चुनाव लड़ी कांग्रेस पार्टी तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) क्रमश: 13 और पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं।
भाजपा के उम्मीदवारों को 28 सीटों पर बढ़त प्राप्त है। आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) और जनता दल (यू) के उम्मीदवार एक-एक सीट पर आगे हैं। एक स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार बढ़त बनाये हुये है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश सहित 15 राज्यों में 48 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के उपचुनावों की मतगणना के रुझानों के अनुसार, वायनाड (केरल) लोक सभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार प्रियंका गांधी वाड्रा और नांदेड (महाराष्ट्र) लोकसभा सीट पर भाजपा के डॉ एम एम हम्बारडे जीत की ओर बढ़ रहे थे।
उत्तर प्रदेश में नौ सीटों में से छह पर भाजपा, दो पर समाजवादी पार्टी (सपा) और एक सीट पर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रत्याशी को बढ़त मिली हुयी थी। मीरापुर सीट पर रालोद का उम्मीदवार आगे था जबकि करहल, कटेहरी और सीशामऊ सीट पर सपा के उम्मीदवार आगे थे। कुंडरकी, गाजियाबाद, खैर, फूलपुर और मझवां सीट पर भाजपा के उम्मीदवार आगे थे। असम में पांच सीटों के उपचुनाव में दो सीटों पर भाजपा, एक सीट पर कांग्रेस और एक-एक पर असम गण परिषद तथा यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी (लिबरल) को बढ़त थी। बिहार में चार सीटों में से दो पर भाजपा, एक हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्लुर) और एक सीट पर जदयू का उम्मीदवार आगे था। छत्तीसगढ़ की रायपुर दक्षिण सीट पर सत्तारुढ़ भाजपा आगे थी। गुजरात में वाव सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार आगे था। कर्नाटक में तीन सीटों में से तीनों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार आग चल रहे थे।

