
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धन्वंतरि जयंती और धनतेरस के दिन देश के सभी 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को दिवाली का तोहफा दिया है।मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग 12,850 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।



इसके साथ ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 70 साल और इससे ज्?यादा की उम्र वाले सभी लोगों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा शुरू कर दी गई है। योजना के तहत सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के अलावा आसान और किफायती इलाज मिलेगा। 70 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू करने को पिछले महीने ही कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य (एबी-पीएमजेएवाई) कार्ड भी सौंपा।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के चरण-दो का उद्घाटन : समारोह में प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिसमें पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के चरण-दो का उद्घाटन शामिल है। इस चरण में, एक पंचकर्म अस्पताल, औषधि निर्माण के लिए एक आयुर्वेदिक फामेर्सी, एक खेल चिकित्सा इकाई, एक केंद्रीय पुस्तकालय, एक आईटी और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सेंटर और 500 सीटों वाला आॅडिटोरियम शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच और सिवनी में तीन मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, पश्चिम बंगाल के कल्याणी, बिहार के पटना, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल, असम के गुवाहाटी और नई दिल्ली विभिन्न एम्स में सुविधा और सेवा विस्तार का उद्घाटन भी किया, जिसमें एक जन औषधि केंद्र भी शामिल है। मोदी ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी, रतलाम, खंडवा, राजगढ़ और मंदसौर में पांच नर्सिंग कॉलेजों, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, तमिलनाडु और राजस्थान में 21 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और नई दिल्ली स्थित एम्स तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अनेक सुविधाओं और सेवा विस्तारों की आधारशिला भी रखी।
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन किया और हरियाणा के फरीदाबाद, कर्नाटक के बोम्मासंद्रा और नरसापुर, मध्य प्रदेश के इंदौर, उत्तर प्रदेश के मेरठ और आंध्र प्रदेश के अचुतापुरम में ईएसआईसी अस्पतालों की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं से करीब 55 लाख ईएसआई लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री विभिन्न क्षेत्रों में सेवा सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को विस्तार देने के प्रबल पक्षधर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने वाली ड्रोन प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने 11 तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में ड्रोन सेवाओं का शुभारंभ किया। उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश, तेलंगाना में एम्स बीबीनगर, असम में एम्स गुवाहाटी, मध्य प्रदेश में एम्स भोपाल, राजस्थान में एम्स जोधपुर, बिहार में एम्स पटना, हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर, उत्तर प्रदेश में एम्स रायबरेली, छत्तीसगढ़ में एम्स रायपुर, आंध्र प्रदेश में एम्स मंगलगिरी और मणिपुर में रिम्स इंफाल इसमें शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने एम्स ऋषिकेश से हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का भी शुभारंभ किया। इससे तेजी से चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में मदद करेगी।
यू-विन पोर्टल की शुरूआत : देश की टीकाकरण अभियान को तेज करने के मकसद से प्रधानमंत्री ने यू-विन पोर्टल का शुभारंभ किया। यह टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभान्वित करेगा। यह गर्भवती महिलाओं और जन्म से 16 वर्ष तक के बच्चों को 12 वैक्सीन-निवारणीय बीमारियों के खिलाफ जीवन रक्षक टीकों का समय पर दिया जाना सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री संबद्ध और स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के लिए एक पोर्टल भी लॉन्च किया। यह मौजूदा स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के केंद्रीकृत डेटाबेस के रूप में कार्य करेगा।

