
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा केरल की वायनाड लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में वह कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी। चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। ऐसे में अगर प्रियंका गांधी अगर यह चुनाव जीत जाती हैं तो यह उनका संसद में पहला कदम होगा। साथ ही यह पहली बार होगा जब तीनों गांधी परिवार के सदस्य- सोनिया, राहुल और प्रियंका – एक साथ संसद में होंगे।



चुनाव आयोग ने वायनाड लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यहां 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वहीं केरल की दो विधानसभा सीटों पलक्कड़ और चेलक्करा विधानसभा सीट के लिए भी 13 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। चुनाव आयोग के ऐलान के बाद कांग्रेस ने मंगलवार देर शाम इन सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया। वायनाड सीट से राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पार्टी की उम्मीदवार होंगी। वहीं पलक्कड़ से राहुल मम्कुटथिल और चेलक्करा विधानसभा सीट से राम्या हरिदास को उम्मीदवार बनाया गया है।
2019 में सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद से ही प्रियंका गांधी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। कभी कहा जा रहा था कि वह वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी, तो कभी यह चर्चा थी कि वह अपनी मां सोनिया गांधी की पारंपरिक सीट रायबरेली से चुनाव लड़ेंगी। लेकिन कांग्रेस ने आखिरकार उन्हें वायनाड से उतारने का फैसला किया है।
वायनाड से दो बार जीत चुके हैं राहुल गांधी : यह वही सीट है जहां से उनके बड़े भाई राहुल गांधी लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। प्रियंका गांधी पहले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की प्रभारी थीं। इस साल की शुरूआत में हुए लोकसभा चुनावों में प्रियंका गांधी ने पार्टी के लिए रणनीतिकार और स्टार प्रचारक की भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने कुछ राज्यों और लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया।
वायनाड उपचुनाव के लिए अपना नाम घोषित होने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा था कि मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं हूं। मुझे वायनाड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलने पर बहुत खुशी है। मैं बस इतना कहूंगी कि मैं उन्हें (राहुल गांधी) की कमी महसूस नहीं होने दूंगी। मैं कड़ी मेहनत करूंगी और सभी को खुश करने और एक अच्छी प्रतिनिधि बनने की पूरी कोशिश करूंगी। उन्होंने कहा था कि रायबरेली के साथ मेरा अच्छा रिश्ता है क्योंकि मैंने वहाँ 20 साल तक काम किया है और वह रिश्ता कभी नहीं टूटेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि वह और उनके भाई दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

