
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बलूच विद्रोहियों ने अपने नेता नवाब बुग्ती की बरसी पर 23 पंजाबियों को ट्रकों और बसों से उतारकर उन्हें भून डाला। बताया जा रहा है कि बलूच लिबरेशन आर्मी के हथियारबंद सदस्यों ने इन गाड़ियों को रोका और उनके पहचान पत्र देखने के बाद पंजाबी मूल के लोगों को भून डाला। मारे गए सभी लोग पंजाब प्रांत के थे। यह घटना मुसाखैल जिले में हुई है। वहीं बीएलए ने एक बयान जारी करके दावा किया है कि मारे गए लोगों की संख्या 62 है। बीएलए ने बताया कि नागरिकों के कपड़े पहनकर जा रहे पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया है। बलूचों ने 10 गाड़यों को आगे के हवाले कर दिया।



मूसाखेल के सहायक आयुक्त नजीब ककार ने बताया कि हथियारबंद लोगों ने राराशम इलाके में एक अंतर-प्रांतीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और बसों से यात्रियों को नीचे उतारा। मृतकों की पहचान पंजाब प्रांत के निवासियों के रूप में की गयी है।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने आतंकवाद की इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आतंकवाद के कायरतापूर्ण कृत्य में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं। बुगती ने कहा कि आतंकवाद और उनके मददगार बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान सरकार आतंकवादियों को पकड़ लेगी। मूसाखेल में हमले से करीब चार महीने पहले पंजाब के लोगों को निशाना बनाते हुए ऐसा ही हमला किया गया था।
अप्रैल में नोश्की के समीप एक बस से नौ यात्रियों को उतारा गया था और बंदूकधारियों ने उनके पहचान पत्र देखने के बाद उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। वहीं बीएलए ने दावा किया है कि उसने अपने आॅपरेशन हेरोफ के तहत 62 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को मार दिया है। उसने बताया कि यह आॅपरेशन हेरोफ पूरे बलूचिस्तान में चलाया जा रहा है। बीएलए ने कहा है कि ये मारे गए पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी आम नागरिकों के कपड़े में बस में यात्रा कर रहे थे और इसी वजह से उनकी पहचान करके मारा गया है। बलूचों ने एक रेलवे ब्रिज को भी उड़ा दिया है। बता दें कि बलूचों ने अपने नेता नवाब बुग्ती की याद में यह हमला किया है जिनकों तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने मिसाइल हमला करके मरवा दिया था।

