
तिरुवनंतपुरम। केरल के वायनाड जिले में मेप्पडी के पास भारी बारिश के कारण विभिन्न पहाड़ी इलाकों में मंगलवार तड़के भूस्खलन हुआ। अधिकारियों ने सैकड़ों लोगों के भूस्खलन के मलबे में दबे होने की आशंका जताई है। अब तक हादसे में 23 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।



केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने बताया कि अग्निशमन विभाग और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों को प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है। केएसडीएमए ने फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया कि बचाव अभियान में मदद के लिए कन्नूर रक्षा सुरक्षा कोर की दो टीमों को भी वायनाड रवाना किया गया है।
प्रभावित इलाकों के लोगों ने सैकड़ों लोगों के भूस्खलन के मलबे में दबे होने की जानकारी दी है। अधिकारियों ने कहा कि लगातार जारी भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को कहा कि केरल के वायनाड जिले में मेप्पडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में भारी भूस्खलन के मद्देनजर सभी सरकारी एजेंसी खोज एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। भूस्खलन के बीच मलबे में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है।
मुख्यमंत्री विजयन ने उनके कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा कि राज्य के मंत्री बचाव गतिविधियों का नेतृत्व करने के लिए पहाड़ी जिले में पहुंचेंगे और अभियान को लेकर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वायनाड जिले में भूस्खलन और अन्य वर्षाजनित आपदाओं के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। बयान में कहा गया है कि लोगों को आपातकाल में मदद के लिए दो हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं।
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने कहा है कि अग्निशमन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया है और एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम वायनाड के लिए भेजी गई है। केएसडीएमए ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि कन्नूर डिफेंस सिक्योरिटी कोर के भी दो दलों को बचाव प्रयासों में सहायता के लिए वायनाड जाने का निर्देश दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। भारी वर्षा के कारण बचाव कार्य में बाधा आ रही है।

