
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित पुराने राजेंद्र नगर इलाके के कोचिंग सेंटर हादसे में यूपीएससी की तैयारी कर रहे तीन अभ्यर्थियों की मौत के बाद दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम से अवैध रूप से चलाए जा रहे 13 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है। रविवार देर रात जारी दिल्ली सरकार के एक बयान में कहा गया कि नगर निगम की एक टीम ने बेसमेंट में संचालित होने वाले केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए मध्य दिल्ली कोचिंग हब का दौरा किया।इसमें कहा गया कि रविवार देर रात तक कार्रवाई के दौरान ऐसे करीब 13 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया। बता दें कि एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन विद्यार्थियों की मौत हो गई थी।



निगम ने आईएएस गुरुकुल, चहल एकेडमी, प्लूटस एकेडमी, साई ट्रेडिंग, आईएएस सेतु, टॉपर्स एकेडमी, दैनिक संवाद, सिविल्स डेली आईएएस, करियर पावर, 99 नोट्स, विद्या गुरु, गाइडेंस आईएएस और ईजी फॉर आईएएस शामिल हैं। बयान में कहा गया, ह्लये कोचिंग सेंटर नियमों का उल्लंघन कर बेसमेंट में संचालित पाए गए और उन्हें मौके पर ही सील कर दिया गया और नोटिस चिपका दिए गए। निगम ने कार्य में लापरवाही के लिए जूनियर इंजीनियर को भी बर्खास्त कर दिया है।
इधर दिल्ली पुलिस ने मामले में बेसमेंट मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कहा कि उसने चार मंजिला इमारत के बेसमेंट के मालिक सहित पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जहां भारी बारिश के बाद बाढ़ आने से तीन आईएएस उम्मीदवारों की मौत हो गई थी।
पुराने राजेंद्र नगर इलाके में राऊ के आईएएस स्टडी सर्कल के मालिक और समन्वयक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, और उन पर गैर इरादतन हत्या और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्ष वर्धन ने कहा कि इमारत की प्रत्येक मंजिल का स्वामित्व एक अलग व्यक्ति के पास है।

