
मुंबई: आम बजट पेश होने से एक दिन पहले सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली के दबाव से स्थानीय शेयर बाजार के मानक सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए।



कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा पर असर डाला।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 102.57 अंक यानी 0.13 प्रतिशत गिरकर 80,502.08 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 504 अंक तक गिरकर 80,100.65 अंक पर आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी 21.65 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,509.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 168.6 अंक गिरकर 24,362.30 अंक पर आ गया था।
शेयर बाजारों में गिरावट का यह लगातार दूसरा सत्र रहा। इसके पहले शुक्रवार को भी दोनों सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर तीन प्रतिशत से अधिक टूट गया। रिलायंस ने जून तिमाही के शुद्ध लाभ में पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है।
इसी तरह निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक में भी तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। उसके जून तिमाही के नतीजे निवेशकों को खुश करने में नाकाम रहे।
इनके अलावा आईटीसी, भारतीय स्टेट बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और इंडसइंड बैंक के शेयरों में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा लाभ में रहे। जून तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 33.17 प्रतिशत बढ़ने से एचडीएफसी बैंक का शेयर दो प्रतिशत चढ़ गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कम्पोजिट गिरकर बंद हुआ जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा।
यूरोप के बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे।
सोमवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2023-24 के मुताबिक, पूंजी बाजार भारत की वृद्धि गाथा में अधिक प्रमुख होते जा रहे हैं, जिसमें प्रौद्योगिकी, नवाचार और डिजिटलीकरण के बल पर पूंजी निर्माण और निवेश परिदृश्य में हिस्सेदारी बढ़ रही है।

