
अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद में रविवार को रथयात्रा के मार्ग में सोने की झाड़ू लगाने की पहिंदह्य विधि कर जय जगन्नाथ के जयकारों से भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथयात्रा की शुरूआत की। अहमदाबाद के साथ ही ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है। इस उपलक्ष्य पर भारी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं।




केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इससे पहले वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार आषाढ़ी दूज के पावन अवसर पर यहां के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में आज सुबह 4 बजे दर्शन-मंगला आरती की। इसके बाद भगवान को प्रिय आदिवासी नृत्य और रास गरबा के कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट खिचड़ी का भोग भगवान को चढ़ाया गया और भगवान की आंखों पर बंधी पट्टी खोलने की विधि की गई। भगवान की मंगला आरती के साथ ही हजारों भक्तों ने भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन किए। आरती के बाद भगवान को रथ में बैठाया गया। भगवान जगन्नाथ, अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ जमालपुर इलाके में स्थित 400 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर से 18 किलोमीटर की रथ यात्रा पर निकल गए हैं।
सीएम पटेल ने रथयात्रा के मार्ग में सुबह 7 बजे सोने की झाड़ू लगाने की पहिंद विधि कर रथ को खुद खींच कर जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथयात्रा को रवाना किया। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। रथयात्रा पुराने शहर के शाहपुर और दरियापुर जैसे संवेदनशील विस्तारों से परंपरागत मार्गों पर होकर शाम को साढ़े 8 बजे निज मंदिर में वापस आएगी।
अहमदाबाद में देश की दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा : अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा जगन्नाथपुरी की रथयात्रा की तर्ज पर ही सुबह निकली, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलराम के साथ भगवान खुद भक्तों को दर्शन देने नगर यात्रा पर निकले हैं। रथयात्रा दोपहर बाद भगवान के ननीहाल मामा, मौसी के घर के प्रतीक स्वरूप सरसपुर पहुंचेगी जहां विश्राम के बाद देर शाम वापस मंदिर लौट आएगी। सरसपुर में हजारों श्रद्धालु प्रसाद स्वरूप भोजन भी करेंगे। ओडिशा की पुरी रथ यात्रा के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा अहमदाबाद (गुजरात) के जमालपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में होती है।
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू : ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है। भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ तकरीबन ढाई से तीन किमी दूर गुंडिचा मंदिर जाएंगे। यह उनकी मौसी का घर माना जाता है। इस रथयात्रा में तकरीबन 25 लाख लोगों के आने की संभावना है।
रथ को खींचने से मिलता है 100 यज्ञों के बराबर पुण्य : भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़ी मान्यता है कि जो भी भक्त रथ को खींचता है उन्हें 100 यज्ञ करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। उसके समस्त कष्ट खत्म हो जाते हैं और स्वंय भगवान जगन्नाथ उसकी हर संकट से उसकी रक्षा करते हैं।
जगन्नाथ यात्रा के लिए तीन भव्य रथ बनाए गए हैं। पहले रथ में भगवान जगन्नाथ, दूसरे रथ में भाई बलभद्र और तीसरे रथ में उनकी बहन सुभद्रा सवार हैं। रथ बनाने के लिए खास तरह के 884 पेड़ों की लकड़ियों का इस्तेमाल होता है और इसमें पहला कट सोने की कुल्हाड़ी से किया जाता है। रथ बनाने वाले लोग दिन में एक बार ही सादा भोजन करते हैं।
रथयात्रा के लिए प्रसाद के भी खास इंतजाम : इस रथयात्रा के लिए प्रसाद के भी खास इंतजाम किए गए हैं। करीब 30 हजार किलोग्राम मूंग, 500 किलोग्राम जामुन, 500 किलोग्राम आम, 400 किलोग्राम ककड़ी, अनार और खिचड़ी का प्रसाद रथयात्रा के दौरान बांटा जाएगा। इस रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 1.5 करोड़ रुपए का बीमा भी लिया गया है।
रथयात्रा की सुरक्षा के कड़े इंतजाम : रथयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अनिच्छनीय घटना ना बने उसके लिए गुजरात पुलिस ने शहर में सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। अहमदाबाद के सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील पुराने इलाकों से होकर गुजरने वाली रथयात्रा के लिए सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किये गये हैं। रथयात्रा में हजारों पुलिस तथा सुरक्षाकर्मी बंदोबस्त में हैं। रथयात्रा रूट पर रीयल टाइम मॉनिटरिंग, ड्रॉन के माध्यम से पूरी रथयात्रा की निगरानी के साथ तकनीकी युक्त सुरक्षा उपकरणों को भी रथयात्रा में जोड़ा गया हैं।
पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के आरंभ के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि पवित्र रथ यात्रा की शुरूआत पर शुभकामनाएं। हम महाप्रभु जगन्नाथ को नमन करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उनका आशीर्वाद हम पर बना रहे।ह्व प्रधानमंत्री ने आषाढ़ी बीज के शुभ अवसर पर सभी को, खासतौर पर दुनिया भर में रहने वाले कच्छी समुदाय के लोगों को बधाई दी।

