
नयी दिल्ली: तीन नये आपराधिक कानूनों को लेकर जारी बहस के बीच भारत के प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को इन पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इन कानूनों से उत्पन्न मुद्दे उच्चतम न्यायालय में लंबित हैं।



तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो गए और इन कानूनों ने क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया।

