
पटना। लोकसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी है। बीजेपी लगभग 250 सीटों पर आगे है। आंकड़ों की बात करें तो एनडीए 290 से अधिक सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं इडी अलायंस 231 सीटों पर आगे है। सिर्फ बीजेपी की बात करें तो 250 सीटों पर आगे चल रही है। रुझानों के अनुसार, बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिल रही है। इसका मतलब साफ है कि इस बार सत्ता की चाबी किसी और के पास होगी।



अब सवाल उठता है कि नरेंद्र मोदी की चाबी किसके पास होगी? रुझानों को देखते हुए अगर अनुमान लगाया जाए तो केंद्र की सत्ता की चाबी इस बार बिहार के पास रहेगी। नीतीश कुमार और चिराग पासवान इसके केंद्र में रहेंगे। जेडीयू बिहार में 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जहानाबाद लोकसभा सीट छोड़ दिया जाए तो जेडीयू 15 सीटों पर आगे है। वहीं चिराग पासवान की पार्टी सभी सीटों पर आगे है। बता दें कि लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास बिहार की पांच लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
माना जा रहा है कि अगर भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आस पास नहीं पहुंचती है तो नीतीश कुमार और चिराग पासवान की मांग बढ़ जाएगा। एनडीए हो या इंडी अलायंस, दोनों हर हाल में अपने साथ लाना चाहेंगे। नीतीश और चिराग इस वक्त एनडीए में हैं। ऐसे में बीजेपी चाहेगी कि किसी भी हाल दोनों में इंडी अलायंस के साथ नहीं जाएं।
एनडीए नेताओं ने मोदी के कामों को आगे बढ़ाने के वादे किए तो प्रतिपक्षी नेताओं ने महंगाई-बेरोजगारी के मुद्दे पर फोकस किया। इसे लेकर सत्ता पक्ष की खिंचाई की। उत्तर प्रदेश और बिहार दो ऐसे राज्य रहे हैं, जिनके बारे में पुरानी धारणा रही है कि यहीं से दिल्ली का रास्ता जाता है। बिहार ने अपना एजेंडा सेट कर दिया। नीतीश ने विपक्षी गठबंधन की बुनियाद तो रखी, लेकिन उससे अलग हो गए। अब फिर उनके बारे में अनुमान लगाए जा रहे हैं कि वे बदले हालात में पाला बदल सकते हैं।
तेजस्वी यादव लगातार बिहार में चौंकाने वाले परिणाम की बात करते रहे हैं। परिणाम वैसे तो नहीं आए, लेकिन स्थिति पहले से बेहतर हुई है। तेजस्वी ने चुनाव का सातवां चरण पूरा होते ही नीतीश कुमार के बारे में एक दावा कर दिया कि चार जून के बाद वे बिहार में कोई बड़ा खेल कर सकते हैं। इसके साथ ही तेजस्वी ने नीतीश को इंडिया ब्लॉक में शामिल होने का आॅफर भी दे दिया था। जिस तरह के चुनाव परिणाम आए हैं और भाजपा की हालत कमजोर हुई है, उससे ये कयास लगने लगे हैं कि नीतीश सच में कोई खेल कर सकते हैं।
बिहार में सातवें चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने नीतीश कुमार को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा था कि 4 जून के बाद नीतीश बिहार में कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं। तेजस्वी का इशारा था कि वे एक बार फिर पलटी मार सकते हैं। दरअसल, नीतीश कुमार सियासी पाला बदलने में माहिर माने जाते हैं। 2013 से लेकर 2017 तक नीतीश कुमार चार बार पाला बदल चुके हैं।

