
नयी दिल्ली। रेलवे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक सुविधाओं के विस्तार के लिए अगले पांच साल में देश के विभिन्न हिस्सों में 500 कार्गो टर्मिनल बनाएगी। इनका नियोजन और निर्माण पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के तहत सभी संबंधित राज्य सरकारों और विभागों के समन्वय से किया जाएगा।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को संवाददाताओं को रेलवे की ओर से किये गये दो सुधारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी के तहत इस साल के 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मकसद यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना और रेलवे को आधुनिक बनाना है। उन्होंने बताया कि पहले सुधार के तौर पर रेलवे ने सामान्य कोचों में लंबी दूरी तक सफर करवे वाले यात्रियों को सफाई की सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से सामान्य कोचों में सफाई की व्यवस्था के लिए व्यापक अभियान चलाएगी। इसके तहत पहले चरण में देश भर की 80 ट्रेनों को चिह्नित किया है। इसके तहत टॉयलेट में गार्बेज बिन, यांत्रिक खामियों की जांच और व्यस्त समय में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।



केंद्र सरकार ने रेलवे की 18,509 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को शनिवार को मंजूरी प्रदान की। इन परियोजनाओं में कासाराझ्रमनमाड तीसरी और चौथी लाइन, दिल्लीझ्रअंबाला तीसरी और चौथी लाइन तथा बल्लारी होसपेटे तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं।
अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय की तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से रेलवे की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,509 करोड़ रुपये है और इन्हें वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के दौरान लगभग 265 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।
वैष्णव ने कहा कि ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत योजना और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी तथा लगभग 3,902 गांवों (करीब 97 लाख आबादी) को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इन परियोजनाओं से भवली बांध, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर तथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हम्पी सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।
मंत्री ने कहा कि ये मार्ग कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता विस्तार से 96 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष परिवहन माध्यम है। इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, लगभग 22 करोड़ लीटर तेल आयात में बचत होगी और 111 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइआॅक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग चार करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

