
रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। संस्थान में तैनात करीब 400 होमगार्ड जवानों को हटाकर उनकी जगह पूर्व सैनिकों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है। इनमें बड़ी संख्या महिला होमगार्ड जवानों की बताई जा रही है। रिम्स की 66वीं शासी परिषद की बैठक में होमगार्ड के स्थान पर सैप जवानों की तैनाती का प्रस्ताव स्वीकृत किया जा चुका है। इसके तहत मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से बदला जाना है।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत के पीछे अस्पताल परिसर में बार-बार होने वाले हंगामे, मरीजों के परिजनों और चिकित्सकों के बीच मारपीट तथा संवेदनशील स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने की चुनौती प्रमुख वजह मानी जा रही है। रिम्स में इमरजेंसी और वार्डों में मरीजों के साथ बड़ी संख्या में स्वजन पहुंचते हैं। कई बार इलाज में देरी या मरीज की मौत के बाद विवाद बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की भूमिका केवल भीड़ नियंत्रित करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें तत्काल हस्तक्षेप कर चिकित्सकों, मरीजों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होती है।
