
काठमांडू । नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने वाले 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रभावितों की मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद से 105 भारतीयों समेत 400 से ज्यादा पर्यटक लापता हैं। सेना, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित बड़े इलाके में राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। नेपाल में बुधवार सुबह करीब साढ़े 08 बजे तिब्बत सीमा से लगे इलाके में रासुवा की भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। जानकारी के मुताबिक बाढ़ में अबतक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। बागमती प्रदेश पुलिस कार्यालय के नवीनतम विवरण के अनुसार, रसुवा, नुवाकोट, धादिङ और चितवन में इन 22 लोगों की मौत हुई है।
रसुवा में 01 पुरुष, नुवाकोट में 05 महिलाओं और 06 पुरुषों समेत 11 लोगों, धादिड़ में 05 महिलाओं, 02 पुरुषों समेत 09 लोगों तथा चितवन में एक महिला की मौत हुई है। बचाव अभियान के दौरान राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों से 65 लोगों को घायल हालत में बचाया है। इनमें रसुवा से 43, नुवाकोट से 19 और धादिङ से 03 लोगों को बचाया गया है। शुरूआती जानकारी के अनुसार तिब्बत की ओर से किसी हिमनद झील (ग्लेशियल लेक) के फटने या जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि के कारण यह बाढ़ आई है। इस भीषण बाढ़ से पूरे इलाके में भारी तबाही हुई है। कई गांव, सड़कें और पुल इस दौरान बह गए। कई हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भी काफी नुकसान हुआ है। नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य संबंधित निकाय प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों की खोज और बचाव के लिए समन्वय कर रहे हैं।
हादसे के बाद से अधिकृत तौर पर 384 पर्यटक लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक लापता लोगों में 105 भारतीय पर्यटक हैं। बोर्ड ने 384 यात्रियों के लापता होने की पहचान की है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक ट्रेकर्स सोसाइटी के माध्यम से यात्रा पर गए 92 लोग और सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स के माध्यम से गए 71 लोग लापता हैं। इसके अलावा लीफ होलिडे के 55, हिमालयन ग्लेशियर के 52 पर्यटकों समेत अन्य एजेंसियों के माध्यम से यात्रा कर रहे लोग भी लापता हैं।
लापता विदेशी पर्यटकों में भारत, आॅस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं। बोर्ड ने बताया कि कुछ लापता पर्यटकों की राष्ट्रीयता की जानकारी अभी प्राप्त नहीं हो सकी है। पर्यटन बोर्ड स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और ट्रेकिंग गाइडों के साथ समन्वय कर लापता लोगों से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन कर रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान को तेज करने का प्रयास जारी है।

