
जमशेदपुर । रामनवमी और विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। साकची स्थित सीसीआर में सिटी एसपी कुमार शिवाशिष ने पीसीआर और टैंगो जवानों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि जुलूस की शुरुआत से लेकर समापन और वापसी तक हर गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी।



इस बार सुरक्षा के लिए कुल 1900 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 1300 जिला पुलिस के जवान और 600 बाहरी बल शामिल हैं। बाहरी बलों में आरएपी और जैप-6 की टुकड़ियां भी लगाई गई हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर सीएपीएफ की तैनाती भी की जा सकती है। जुलूस के दौरान पुलिस बल पूरी तरह साथ रहेगा और पूरे मार्ग में सुरक्षा घेरा बनाए रखेगा।
तकनीकी स्तर पर भी निगरानी को मजबूत किया गया है। शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर 340 कर दी गई है, जिससे हर प्रमुख स्थान और जुलूस मार्ग पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा ड्रोन कैमरों के जरिए भी जुलूस की निगरानी की जाएगी, ताकि भीड़ और गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जा सके।
संवेदनशील इलाकों, प्रमुख मंदिरों और मस्जिदों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और जवानों को देर रात और सुबह के समय अधिक सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
शहर में 38 प्रमुख स्थानों पर अस्थायी चेक पोस्ट और बैरिकेडिंग की गई है, जहां हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं और जुलूस मार्गों पर नो-एंट्री लागू रहेगी। विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है, जिससे लोगों में सुरक्षा का विश्वास कायम हो सके।
सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि जुलूस की वापसी यात्रा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। उन्होंने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अफवाहों से बचें और प्रशासन का साथ दें, ताकि रामनवमी का पर्व आपसी भाईचारे के साथ मनाया जा सके।

