
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार में आगामी चुनाव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतदाता अपने नाम नॉमिनेशन से दस दिन पहले तक मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में 14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक कर्तव्य को दो चरणों में निभाता है।



पहले चरण में मतदाता सूची तैयार की जाती है और दूसरे चरण में चुनाव कराए जाते हैं। विशेष गहन परीक्षण 24 जून से 25 जुलाई तक चला। 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की गई और सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद 1 अगस्त से 1 सितंबर तक क्लाइम्स और ऑब्जेक्शंस का चरण था, जिसमें किसी भी मतदाता, राजनीतिक दल या बूथ लेवल एजेंट को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिला। पात्रता परीक्षण के बाद 30 सितंबर को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित की गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि नॉमिनेशन समाप्त होने के बाद फाइनल सूची पर ही चुनाव होंगे और उसके बाद किसी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि हाल ही में चुनाव आयोग की टीम ने बिहार का दौरा किया और सभी जिला कलेक्टर्स, एसपी, आईजी, डीआईजी, सचिवालय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठकें की। आयोग का कहना है कि इस बार बिहार के चुनाव मतदाताओं के लिए सरल, पारदर्शी और शांतिपूर्ण होंगे।
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों, मतदाताओं और मीडिया कर्मियों से सहयोग की अपील की। आयोग ने यह भी कहा कि बिहार के आगामी चुनाव संभवतः अब तक के सबसे अच्छे चुनावों में से एक होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें अनुसूचित जाति के लिए 38 और अनुसूचित जनजाति के लिए 2 सीटें आरक्षित हैं। कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.42 करोड़ है, जिसमें पुरुष 3.92 करोड़ और महिला 3.5 करोड़ हैं। वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगभग 4 लाख है, 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता लगभग 14,000 हैं, जबकि फर्स्ट टाइम वोटर्स की संख्या 14 लाख है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार हर मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इसके चलते पोलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 90,712 कर दी गई है। प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ब्रॉडकास्टिंग की व्यवस्था होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि कुछ विशेष सुरक्षा और सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। 250 से अधिक पोलिंग स्टेशनों में घोड़े से पेट्रोलिंग होगी और 197 स्थानों पर नाम के आधार पर पोलिंग पार्टी जाएगी। हर मतदान केंद्र पर न्यूनतम सुविधाओं की व्यवस्था होगी, जिसमें वॉलिंटियर्स, हेल्प डेस्क, रैंप, टॉयलेट, पीने का पानी और उचित लाइटिंग शामिल है। बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए वोटिंग ग्राउंड फ्लोर पर सुनिश्चित की जाएगी, व्हीलचेयर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता या 40% से अधिक विकलांगता वाले मतदाता फॉर्म 12D भरकर विशेष सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
चुनाव आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, एसपी और सभी सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या दबाव की कोई गुंजाइश नहीं होगी। सीआरपीएफ को पर्याप्त संख्या में तैनात किया जाएगा और सभी मतदान केंद्र सभी पक्षों के लिए आसानी से सुलभ होंगे।
उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि किसी भी फेक न्यूज या गलत सूचना, खासकर सोशल मीडिया पर, पर ध्यान न दें और पूरी जानकारी केवल चुनाव आयोग से ही प्राप्त करें।

