पटना। बिहार में एनडीए की नई सरकार में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का चेहरा जरूर पुराना है, मगर मंत्रिमंडल को नया रूप-रंग देने की पूरी कोशिश की गई है। गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा 26 मंत्रियों ने शपथ ली है। इनमें दस नए चेहरे हैं, जो पहली बार एनडीए सरकार में मंत्री बने हैं।

वहीं, पूर्व की एनडीए सरकार में शामिल रहे 19 मंत्रियों को नई कैबिनेट में जगह नहीं मिल सकी है। हालांकि भविष्य में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में इनकी संभावना बनी हुई है। राज्य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं। अभी सीएम के साथ 27 मंत्री ही सरकार में शामिल हैं। ऐसे में अधिकतम नौ मंत्रियों को अभी और जगह दी जा सकती है।

नीतीश मंत्रिमंडल में जदयू के आठ मंत्री हैं। जदयू ने सभी पुराने चेहरों को ही फिर से मौका दिया है। वहीं भाजपा के 14 मंत्री में आधे यानी सात नए हैं। इनमें दानापुर में रीतलाल यादव को हराने वाले रामकृपाल यादव भी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए हैं। वह इसके पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं, मगर राज्य मंत्रिमंडल में उन्हें पहली बार मौका मिला है।

पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह की बेटी एवं जमुई से विधायक श्रेयसी सिंह, आरा से विधायक संजय टाइगर, खजौली से अरुण शंकर प्रसाद, औराई से रमा निषाद, पातेपुर से लखेन्द्र कुमार रोशन और विधानपार्षद प्रमोद चंद्रवंशी को पहली बार मंत्री पद मिला है।

लोजपा-रा से दो संजय बने मंत्री, रालोमो से कुशवाहा के बेटे को मौका: नए मंत्रिमंडल में चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-रामविलास के दो मंत्री बनाए गए हैं और दोनों का ही नाम संजय हैं। महुआ से तेज प्रताप यादव को हराने वाले संजय कुमार सिंह और बखरी से विधायक संजय कुमार को पहली बार मंत्री बनने का सौभाग्य मिला है। उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया है। दीपक उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे हैं और वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

भाजपा के 13, जदयू के छह मंत्रियों को नहीं मिला मौका: नए मंत्रिमंडल में भाजपा के 13 और जदयू के छह मंत्रियों को फिर से मौका नहीं दिया गया। भाजपा की ओर से पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के साथ नीरज कुमार सिंह, नीतीश मिश्रा, महेश्वर हजारी, जनक राम, हरि सहनी, केदार गुप्ता, संजय सरावगी, जिवेश मिश्रा, राजू सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कृष्ण कुमार मंटू के नाम शामिल हैं। गया से नौवीं बार जीते जीते प्रेम कुमार भी मंत्री नहीं बनाए गए हैं। हालांकि, उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है। वहीं जदयू की ओर से शीला कुमारी, कृष्णनंदन पासवान, जयंत राज, रत्नेश सदा, संतोष सिंह और विजय मंडल का पत्ता कटा है। सुमित कुमार सिंह चकाई से चुनाव हारने के कारण मंत्री की रेस से पहले ही बाहर हो गए थे।

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